अब मैं भी सबला बन गयी

कहानी नारी की तब ……… बचपन में माँ ने कहा, अबला है, तू, आँखें झुका के चल। बाप ने कहा मेरा मान है तू, संभल के चल।जब कभी हंसीं, जब कभी खिलखिलाई, हर बार कहा, नारी है तू, अबला है तू, चुप रहा कर।भाई ने मारा, बाप ने लताड़ा, पति ने सताया, समाज ने प्रताडा, … Continue reading अब मैं भी सबला बन गयी