जाते हुए इस साल २०२५ ने,
चैन दिया, सकून भी दिया और दीं,
अनमोल यादों का खुशिओं भरा उपहार।
कुछ सपने दिखाए, कुछ सच भी दिखाया।
हाथ भी थामा था जब कुछ राहें कठिन लगी,
हौसलों को दी थी उड़ान,जब हौंसले कम थे।
अब आने वाले साल २०२६ से उम्मीद है,
वह भी देगा नए उजाले, नई पहचान।
आओ सब करें इंतज़ार नए साल का,
नव वर्ष हो सब के लिए शुभ।
....... विभा शर्मा


—– अनुभव तुकनायत, विभा शर्मा और अश्वनी तुकनायत
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