आज विजय दशमी के पावन दिन,
अधर्म पर धरम की विजय के दिन।
आओ आज हम भी अपने जीवन से,
अधर्म को निकाल, धर्म का रुख करें।
त्यागें अधर्म, क्रोध, हिंसा, लालच और लोभ,
अपनाये धर्म, शांति, अहिंसा, संतोष और त्याग।
अविवेक, अहंकार और दम्भ भी त्याग,
अपनाये विवेक, निरहंकार और नम्रता।
अपनी 'मैं' को अपने पास रख,
सब में 'मैं' को देख।
सत्य, क्षमा और शील अपना कर,
आज अधर्म से धर्म में आकर।
आज चलो सिर्फ रावण को ही न जला कर,
अपने अहंकार को, क्रोध को,
अविवेक को और दम्भ को जला कर,
विवेक, शील, नम्रता से अपने को परिपूर्ण करें।
आओ आज विजय दशमी के पावन दिन,
अधर्म को अपने जीवन से निकाल,
धर्म का रुख कर, चेतना जाग्रित कर,
चलें, राम के मार्ग पर।
विजय दशमी की शुभकामनाएँ
----- अनुभव तुकनायत, विभा शर्मा और अश्वनी तुकनायत
Discover more from My Space - Dr. Vibha Sharma
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Thanks and same to you.
LikeLike