आओ आज नमन करें,
अपने पहले गुरु, अपनी माँ को,
जिसने जनम दिया, बोलना सिखाया।
पिता को नमन,
जिसने पहला कदम बढ़ाया,
साइकिल चलना सिखाया।
बालपन के शिक्षक को नमन,
जिसने अक्षर और चित्र सिखाए,
ज्ञान की राह दिखाई।
उस शिक्षक को नमन,
जिसने ज्ञान की गंगा से मिलवाया,
अपने-आप से परिचय करवाया,
और जीवन का पथ दिखाया।
आओ आज नमन करें हर उस शिक्षक को,
जिसने ज्ञान की ज्योति जलाई,
एक मनुष्य को मानव बनाया,
और पग-पग पर राह दिखाई।
…. विभा शर्मा
……….अनुभव तुकनायत, विभा शर्मा और अश्वनी तुकनायत
Discover more from My Space - Dr. Vibha Sharma
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Great 💐
LikeLike